छोटी शुरुआत से बड़ी पहचान : छोटे क्लिनिक से लंदन संसद तक : डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी का सफर बना मिसाल

छोटी शुरुआत से बड़ी पहचान :  छोटे क्लिनिक से लंदन संसद तक : डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी का सफर बना मिसाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ के होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी को लंदन में आयोजित Holistic Medicine Conference 2026 में विशेष आमंत्रण मिला है। यह सम्मेलन 10 अप्रैल को Houses of Parliament और 13 अप्रैल को University of Oxford में आयोजित होगा। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर वे भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए होम्योपैथी की उपयोगिता और प्रभाव को दुनिया के सामने रखेंगे।

सम्मेलन में नीति-निर्माता, सांसद, चिकित्सक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल होंगे। भारत से भी कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भाग लेंगे, जिनमें डॉ. नीतीश दूबे का नाम प्रमुख है।

डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी ने अपने करियर की शुरुआत एक छोटी क्लिनिक से की थी। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने समर्पण और मेहनत के दम पर हजारों मरीजों का सफल इलाज किया और होम्योपैथी को समाज में नई पहचान दिलाई।


कोरोना काल में निभाई अहम भूमिका
कोरोना महामारी के दौरान जब स्वास्थ्य सेवाएं दबाव में थीं, तब डॉ. त्रिवेदी ने लगातार सेवाएं दीं। उन्होंने होम्योपैथी के माध्यम से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में योगदान दिया, जिसे समाज ने खूब सराहा।


अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखेंगे भारत की बात
लंदन में आयोजित इस सम्मेलन में वे होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति की प्रभावशीलता और भारत में इसके महत्व को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करेंगे। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।


युवाओं के लिए प्रेरणा
डॉ. त्रिवेदी का यह सफर दिखाता है कि छोटे शहरों से निकलकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। उनकी सफलता चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े युवाओं के लिए प्रेरणादायक बन गई है।